सीतामऊ/मंदसौर। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (RGPRS) सीतामऊ जिला मंदसौर के नेतृत्व में ‘काम मांगो अभियान—मजदूर के अधिकार की लड़ाई’ की शुरुआत ग्राम पंचायत साखतली, ब्लॉक सीतामऊ, विधानसभा क्षेत्र सुवासरा से की गई। 26 अगस्त 2026, बुधवार को आयोजित अभियान के दौरान ग्रामीण मजदूरों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत रोजगार के कानूनी अधिकार और काम मांगने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

अभियान के दौरान संगठन की ओर से बताया गया कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और जरूरतमंद मजदूरों को काम के अधिकार से जोड़ना है। RGPRS ने कहा कि इसी अधिकार की रक्षा और मजदूरों को उनका हक दिलाने के उद्देश्य से ब्लॉक सीतामऊ में अगले एक महीने तक ‘काम मांगो अभियान’ को व्यापक जनअभियान का रूप दिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत साखतली में करीब 80 हितग्राहियों के काम मांगो फॉर्म भरवाए गए। संगठन के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को बताया कि मनरेगा के तहत रोजगार की मांग दर्ज कराने के लिए आवेदन प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करना जरूरी है। आवेदन में प्रत्येक हितग्राही का नाम, जॉब कार्ड नंबर और हस्ताक्षर सहित आवश्यक जानकारी दर्ज की गई।

ग्रामीणों को विशेष रूप से यह जानकारी दी गई कि काम की मांग से संबंधित आवेदन यानी फॉर्म-6 ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा करने के बाद उसकी रसीद अथवा जमा किए गए आवेदन का प्रमाण सुरक्षित रखना चाहिए। संगठन के अनुसार यह दस्तावेज आगे चलकर रोजगार की मांग और उससे संबंधित प्रक्रिया का प्रमाण रखने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

अभियान के दौरान मजदूरों से कहा गया कि वे अपने जॉब कार्ड को सुरक्षित रखें और मनरेगा से जुड़े सभी आवेदन, रसीद एवं अन्य दस्तावेजों की फोटो अपने मोबाइल फोन में भी सुरक्षित रखें। इससे भविष्य में रोजगार, मजदूरी भुगतान अथवा बेरोजगारी भत्ते से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध रहेगा।

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल फॉर्म भरवाना नहीं, बल्कि ग्रामीण मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। संगठन के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मजदूरों को रोजगार मांगने की प्रक्रिया, आवेदन जमा करने, रसीद प्राप्त करने और अपने दस्तावेज सुरक्षित रखने के बारे में जानकारी देंगे।

संगठन ने कहा कि ‘काम मांगना मजदूर का अधिकार है और उसके अधिकार के लिए सहयोग करना हमारी जिम्मेदारी है।’ अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को मनरेगा की रोजगार व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, सहायक सचिव सहित पंचायत स्तर के जिम्मेदार प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अभियान में भाग लेते हुए मनरेगा के तहत रोजगार की मांग से संबंधित आवेदन प्रक्रिया पूरी की।

RGPRS के पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले एक महीने में ब्लॉक सीतामऊ के विभिन्न ग्राम पंचायत क्षेत्रों में ‘काम मांगो अभियान’ को आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन का लक्ष्य है कि जरूरतमंद मजदूरों तक रोजगार के अधिकार की जानकारी पहुंचे और पात्र ग्रामीण अपने अधिकार के तहत काम की मांग दर्ज करा सकें।

अभियान के दौरान ग्रामीणों के बीच यह संदेश भी दिया गया कि मनरेगा से जुड़ी प्रक्रिया में आवेदन की प्रति और रसीद जैसे दस्तावेज संभालकर रखना बेहद जरूरी है। संगठन ने ग्रामीण मजदूरों से अपील की कि वे जागरूक बनें, अपने अधिकारों को समझें और रोजगार की जरूरत होने पर नियमानुसार काम की मांग दर्ज कराएं।