मध्य प्रदेश में मानसून के सक्रिय होते ही आंधी और बारिश का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। हरदा और खरगोन में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि बैतूल में एक ही परिवार के चार सदस्य झुलस गए। चंपा नदी के उफान में बाइक समेत दो युवक बह गए।

बिहार और उत्तर प्रदेश में भी कहर

बिहार में बिजली गिरने से 5 लोगों की जान चली गई, जबकि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पिकनिक मनाने गए तीन लोग बरसाती नाले के तेज बहाव में बह गए। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया।

उत्तराखंड में बढ़ा खतरा

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से देहरादून में रिस्पना नदी उफान पर है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से संगम की सीढ़ियां डूब गई हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ऋषिकेश में राफ्टिंग पर 31 अगस्त तक रोक लगा दी गई है।

आगे की स्थिति

मानसून ने मंगलवार दोपहर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया। अब तक मानसून ने देश के 26 राज्यों को कवर कर लिया है। इससे पहले 24 जून को मध्य प्रदेश और गुजरात में मानसून ने दस्तक दी थी।

सावधानी और सतर्कता: प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

यह मानसून का सीजन प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती लेकर आया है, जहां लोगों को अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी।